कोविड-19 वैक्सीनें: विकास, स्वीकृति और सुरक्षा / COVID-19 vaccines: development, approval and safety

COVID-19 वैक्सीन मुफ्त, स्वैच्छिक है और न्यूज़ीलैंड में 12 और उससे अधिक आयु वाले हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध है।

बुकिंग करने के लिए Book My Vaccine (बुक माई वैक्सीन) पर जाएं, या नीचे दिए नंबर पर कोविड टीकाकरण हैल्थलाइन को फोन करें।

कोविड-19 वैक्सीनों को शीघ्र और सुरक्षित रुप से कैसे विकसित किया गया

वैक्सीन के विकास के लिए वैज्ञानिकों और सरकारों के बीच इस स्तर का वैश्विक सहयोग पहले कभी नहीं हुआ है। इससे विश्व भर में वैक्सीन विकास, क्लीनिकल परीक्षणों, और स्वीकृति की गति तेज हुई है।

वैक्सीनें बहुत तेजी से लेकिन आवश्यक प्रक्रियाओं को बिना छोटा किए या सुरक्षा को नजरअंदाज किए बिना विकसित की गई हैं।

अनुसंधानकर्ताओं ने अन्य कोरोनावायरस और वैक्सीन विकास के अपने ज्ञान का प्रयोग किया जिससे उन्हे तेज़ी मिली।

क्लीनिकल परीक्षण भी, कोविड-19 के बारें में वैश्विक हितों और चिंता के कारण, बड़ी संख्या में इच्छुक भागीदारों की भर्ती कर सके। कुछ क्लीनिकल परीक्षणों को एक के बाद एक क्रमानुसार के बजाय एक साथ किया जा सका। जिसके कारण, वैज्ञानिक शीघ्रता से कम समय में यह तय कर सके कि वैक्सीन प्रभावकारी है या नहीं– सामान्य परिस्थितियों में इसमें कई महीने या वर्ष भी लग सकते थे।

बड़े निर्माण संयंत्र बनाए गए हैं, ताकि वैक्सीनें पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से और अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर बनाई जा सकती हैं।

न्यूज़ीलैंड में वैक्सीन का मूल्यांकन और अनुमोदन

मेडसेफ न्यूज़ीलैंड का दवाइयों से संबंधी सुरक्षा प्राधिकरण है। यह वैक्सीन सहित सभी नई दवाइयों के आवेदनों का मूल्यांकन करके यह सुनिश्चित करता है कि वे अंतर्राष्ट्रीय मानकों और स्थानीय जरुरतों को पूरा करती हों।

सुरक्षा, प्रभावशीलता और गुणवत्ता के कड़े मानकों से अनुरूपता को लेकर संतुष्ट हो जाने पर ही मेडसेफ, एओटेरोआ में वैक्सीन प्रयोग की स्वीकृति प्रदान करता है। यह वही प्रक्रिया है जो फ्लू वैक्सीन जैसी अन्य दवाओं का मूल्यांकन करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

इसके लिए स्वीकृति प्रदान करने में कोई शॉर्टकट (छोटा मार्ग) नहीं लिया गया है।

फ़ाइजर की वैक्सीन को विश्वस्तर पर लाखों लोगों द्वारा सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। सुरक्षा के लिए इसकी निरंतर निगरानी की जाती है।

फ़ाइजर की वैक्सीन के परीक्षण किस तरह कारगर रहे

क्लीनिकल परीक्षणों में पाया गया कि यह वैक्सीन सभी आयु, लिंग, नस्ल, जातीयता वाले, और अंतर्निहित चिकित्सकीय समस्याओं से ग्रस्त लोगों के लिए प्रभावी है।

अध्ययनों में पाया गया कि वैक्सीन की दोनों खुराकें प्राप्त करने वाले लगभग 95% लोग कोविड-19 के लक्षणों से सुरक्षित हो गए। इसका अर्थ है कि पूरे टीकाकरण के बाद आपके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है।

सभी क्लीनिकल परीक्षणों में, फ़ाइजर की वैक्सीन का लगभग 44,000 प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया। आधे लोगों को वैक्सीन दी गई और आधे लोगों को सलाइन प्लेसबो दी गई। प्रतिभागियों में विभिन्न जातीयता, आयु, लिंग, और अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग शामिल थे।

फ़ाइजर की वैक्सीन का परीक्षण 3 चरणों में किया गयाः

  • चरण 1 और 2 में, कम जनसंख्या में वैक्सीन के विभिन्न खुराक स्तरों की सुरक्षा और इम्यूनोजेनिसिटी (प्रत्येक खुराक के बाद इम्यून प्रतिक्रिया) का मूल्यांकन किया गया।
  • चरण 2 और 3 में अपेक्षाकृत बड़ी जनसंख्या में, चुने गए स्तर की 2 खुराकों के बाद, जो कि 21 दिन के अंतर से दी गई थीं, लक्षणयुक्त कोविड-19 के विरूद्ध वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया।

वैक्सीन की दीर्घकालीन प्रभावशीलता और सुरक्षा का मूल्यांकन करने के लिए, फ़ाइजर की वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद क्लीनिकल परीक्षणों में प्रतिभागियों की अन्य 2 वर्ष तक निगरानी रखी जा रही है।